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"मैं अपने आपको सुपर हीरो नहीं मानता", सोनू सूद ने स्वतंत्रता दिवस पर कहीं दिल जीत लेने वाली बात

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बॉलीवुड की दुनिया में विलेन के रूप में जाने जाने वाले सोनू सूद रियल लाइफ में किसी सुपर हीरो से कम नहीं है। लेकिन सोनू सूद को मिले कहलाना बिल्कुल पसंद नहीं है कि कोई उन्हें सुपर हीरो कहे, सोनू सूद इन सब चीजों से दूर रहना ही पसंद करते हैं। कोरोना काल के लॉकडाउन में सोनू सूद ने किस तरह लोगों की मदद की है वह काबिले तारीफ है। जो कोई भी सोनू सूद से मदद की मांग करता है, सोनू सूद उसकी हर संभव मदद करते हैं। सोनू सोनू लोगों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हैं और उनकी मदद करने में कभी पीछे नहीं हटते हैं। स्वतंत्र दिवस के मौके पर सोनू सूद ने एक इंटरव्यू कुछ ऐसी बातें कहीं छोड़ लोगों के दिलों में उनके लिए जगह और भी ज्यादा बढ़ गई है।


दरअसल सोनू सूद जब यह कहख गया कि आप एक रियल हीरो हैं, आपने हजारों लोगों की मदद की है। इस पर सोनू सूद ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि मैं एक सुपर हीरो हूं। मैं बस वही कर रहा हूं जो मुझे करना चाहिए। मुझे लोगों की सहायता करना अच्छा लगता है। जब मैं गरीबों की मदद करता हूं तो लोग मेरी सराहना करते हैं, यह बिल्कुल आसान है लेकिन मैं चाहता हूं कि दूसरे लोग भी गरीबों की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाएं।"
हाल ही में सोनू सूद ने लोगों को रोजगार दिलाने के लिए एक टीम बनाई है। जिसके बारे में बताते हुए सोनू सूद ने कहा कि, मेरे पास हर दिन 100 से ज्यादा ईमेल और हजारों लोगों के मैसेज आते हैं। लेकिन मैं सभी लोगों की मदद कर नहीं सकता। मैं हर दिन 30 से 40 लोगों की सहायता कर सकता हूं। 
सोनू सूद ने लोगों से आग्रह किया कि जो लोग मुझसे ज्यादा समर्थ है उन्हें गरीब लोगों की मदद करने के लिए आगे आना चाहिए। हमें एक साथ मिलकर अधिक लोगों की सहायता कर सकते हैं। मैं मानता हूं कि हर एक स्कूल में मानवता के विषय को पढ़ाना चाहिए जिससे लोगों में दूसरों की मदद करने की भावना जागृत हो।

शादी के लिए तरस रही है इस गांव की खूबसूरत महिलाएं, ढूंढने से भी नहीं मिल रहा कोई मर्द

हर लड़की का सपना होता है कि उसकी शादी धूम धाम से हो। और हमारे देश में थोड़ा मुश्किल है किसी लड़की की शादी करना लेकिन इतना भी मुश्किल नही है। लेकिन क्या आप जानते हैं ऐसी जगह के बारे में जहाँ लड़की की शादी करना बेहद ही मुश्किल का काम है। क्योंकि यहाँ कि लड़कियां काफी खूबसूरत है। जानिए इनकी शादी ना होने के पीछे का कारण।
दरअसल, ब्राजील के नोइवा के एक कस्बे में 20 से 35 साल की महिलाए आज भी अपने लिए लड़कों का इंतज़ार में बैठी है। ऐसी हज़ारों लड़कियां हैं जो यहाँ शादी करने के लिए तरस रही है। यहाँ की लड़कियां बेहद खूबसूरत है और यहाँ की सबसे बड़ी समस्या है यहाँ लड़को की होना है। यहाँ की लड़कियां शादी के सपने तो देखती हैं लेकिन शादी के ही कारण वो ये क़स्बा छोड़ना नही चाहती है।दोस्तों यह बात तो आप सभी बहुत अच्छी तरह जानते होंगे कि प्राचीन समय से ही हर दंपति अपनी पहली संतान बेटे को ही देखना चाहती आ रही है
हालांकि अब इसमें थोडा बहुत बदलाव देखने को जरुर मिला है लेकिन अभी भी भारत में ऐसी बहुत सी जगह है जहाँ बेटी पैदा होने पर दुःख व् अफसोस जताया जाता है ऐसे बहुत कम लोग है जो बेटी होने पर खुश होते है .हमारे देश में भी सभी को लड़का चाहिए कोई नही चाहता उसे लडकी हो और फिर इसी कारण देश में लडकियों की कमी देखने को मिलती है आज भी कुछ ऐसी जगहें है जहाँ लडको को शादी के लिए लडकियां नही मिल पाती है.लेकिन क्या आपको ये बात मालूम है कि दुनिया में कुछ जगह ऐसी भी है जहाँ लडके है ही नही, यहाँ लडकियों को शादी के लिए दुल्हे तक नही मिलते है चौंकिए मत ये बिलकुल सही है आजतक आपने ऐसे बहुत सी जगहों के बारे में पढ़ा व् सुना होगा जहाँ लडकियों की कमी है लेकिन आज जो खबर हम आपको बताने जा रहे है ये जरा इनसे हटके है .
वो चाहती हैं जो भी उनसे शादी करे वो यही आ कर बस जाए। जिससे उन्हें ये क़स्बा छोड़ना ना पड़े। यहाँ बहुत कम शादी शुदा मर्द रहते हैं ,और जो कुंवारे हैं वो उन लड़कियों की उम्र से बहुत ही कम उम्र के हैं। यहां खेती-किसानी समेत कस्बे में महिलाओं का ही वर्चस्व चलता है। उन्हीं के बनाए नियम कायदे हैं जिन पर पुरुषों को चलना पड़ता है।आज हम बात करने जा रहे है ब्राजील के एक गाँव की जहाँ पर लडकियों की नही बल्कि लडको की कमी है दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बता दें ब्राजील में पहाडियों के बीचो-बीच एक छोटा सा गाँव है जिसका नाम है कोरडेएरो .
नोइवा दो कोरडेएरो। ब्राजील के इस गांव की कहानी ग्रीक की पौराणिक कथाओं जैसी है, जहां पहाड़ियों के बीच एक छोटा-सा गांव हैं और यहां रहने वाली खूबसूरत महिलाओं को एक अदद प्यार की तलाश है। करीब-करीब यही सच्चाई ब्राजील के इस नोइवा दो कोरडेएरो कस्बे की भी है। 600 महिलाओं वाले इस गांव में अविवाहित पुरुषों का मिलना बेहद दुर्लभ है और शादी के लिए यहां की लड़कियों की तलाश अधूरी है। यहां के पुरूष काम के लिए शहरों में रह रहे हैं, जबकि पूरे गांव की जिम्मेदारी महिलाओं के कंधों पर है।
कस्बे की 600 महिलाओं में ज्यादातर की उम्र 20 से 35 साल के बीच है। यहां रहने वाली नेल्मा फर्नांडिस के मुताबिक, कस्बे में शादीशुदा मर्द है या फिर कोई रिश्तेदार। इनमें से ज्यादातर रिश्ते में भाई लगते हैं। कस्बे में रहने वाली लड़कियों का कहना है कि वो सभी प्यार और शादी का सपना देखती हैं, लेकिन वो ये कस्बा नहीं छोड़ना चाहती हैं। वो शादी के बाद भी यहीं रहना चाहती हैं। वो चाहती हैं कि शादी के बाद लड़का उनके कस्बे में आकर उन्हीं के नियम-कायदों का पालन कर रहे।
कस्बे में रहने वाली कुछ महिलाएं शादीशुदा हैं, लेकिन उनके पति और 18 साल से बड़े बेटे काम के लिए कस्बे से दूर शहर में रहते हैं। लिहाजा, यहां खेती-किसानी से लेकर बाकी सभी काम कस्बे की महिलाएं ही संभालती हैं। कम्युनिटी हॉल के लिए टीवी खरीदने से लेकर हर तरह का प्रोग्राम ये मिल-जुलकर करती हैं। इस कस्बे की पहचान मजबूत महिला समुदाय की वजह से है। इसकी स्थापना मारिया सेनहोरिनहा डी लीमा ने की थी, जिन्हें कुछ कारणों से 1891 में अपने चर्च और घर से निकाल दिया गया था।
कैसे महिला हुकूमत की हुई शुरुआत
1940 में एनीसियो परेरा नाम के एक पादरी ने यहां के बढ़ते समुदाय को देखकर यहां एक चर्च की स्थापना की। इतना ही नहीं उसने यहां रहने वाले लोगों के लिए शराब ना पीने, संगीत न सुनने और बाल न कटवाने जैसे तरह-तरह के नियम कायदे बना दिए। 1995 में पादरी की मौत के बाद यहां की महिलाओं ने फैसला किया कि अब कभी किसी पुरुष के जरिए बनाए गए नियम-कायदों पर वो नहीं चलेंगी। तभी से यहां महिलाओं का वर्चस्व है।

एडवांस टेक्नोलॉजी : अब पिता भी बच्चों को दूध पिला पाएंगे

छोटे बच्चो को पालना और मां की तरह बच्चे को संभालना किसी और के बस की बात नहीं होती। ऐसे में अगर कोई पिता को बच्चा संभालने की जिम्मेदारी दे दे तो आप भी जानते हैं क्या होगा।

लेकिन टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ती दुनिया में हर रोज एक से बढ़कर एक ऐसी खोज होती है जो आश्चर्य में डाल देती है। इसी बीच उस चीज का अविष्कार किया गया है, जिससे दुनिया के सभी पिता को काफी खुशी होगी। जानिए क्या खास वजह और अविष्कार।
जापान की कंपनी डेंटसु ने एक डिवाइस डिजाइन किया है, जिसकी मदद से पुरुष भी बच्चों को दूध पिला पाएंगे। ये डिवाइस एक खास रिपोर्ट को ध्यान में रखकर बनाया गया है। जिसके मुताबिक पति-पत्नी में तनाव की एक बड़ी वजह बच्चों की फीडिंग है। यह एक ऐसा काम है, जो पूरी तरह से मां के हिस्से आता है।

डेंटसु ने जो डिवाइस तैयार किया है, वह असल में फॉर्मूला मिल्क का टैंक है, जिसे पहना जा सकता है। इसे महिलाओं के बनावट के अनुसार डिजाइन किया गया है। इसे पहनकर पुरुष आराम से बच्चों को गोद में लेकर दूध पिला सकते है । कंपनी के अनुसार, यह डिवाइस इसलिए डिजाइन किया है कि ब्रेस्टफीडिंग को लेकर कपल्स का स्ट्रेस लेवल कम हो और यह सिर्फ महिलाओं का काम नहीं रह जाए।

तेल से नहाने की दुनियाभर में बढ़ रही दीवानगी, दस मिनट में हो जाता है ये चमत्कार

हर किसी का नहाने का अंदाज अलग-अलग होता है। किसी को पानी से तो किसी को दूध से नहाने में आनंद आता है, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि दुनिया में एक ऐसा देश भी है, जहां लोग कच्चे तेल से भरे बाथटब में नहाते हैं। यहां सिर्फ तेल से नहाने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं। इसकी वजह जानकर आप हैरान हो जाएंगे।
ईरान के पास स्थित देश अजरबेजान के नाफतलान शहर में एक ऐसा हेल्थ सेंटर है जहां लोग कच्चे तेल से भरे बाथटब में नहाते हैं। माना जाता है कि यहां नहाने से 70 से अधिक बीमारियां दूर हो जाती हैं। विशेषज्ञों का दावा है कि क्रूड ऑयल न्यूरोलॉजिकल और स्किन संबंधी परेशानियों के लिए लाभदायक होता है।
नाफतलान शहर के इस हेल्थ सेंटर में स्किन की बीमारियों के अलावा लोग गठिया और नस संबंधी रोग भी दूर करने के लिए आते हैं। यहां उपचार के लिए क्रूड ऑयल का अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल होता है। इसमें सबसे लोकप्रिय तरीका है बाथटब में नहाना। इसके लिए एक मरीज करीब 40 डिग्री तापमान पर 130 लीटर तेल में नहाते हैं।

कई लोगों का मानना है कि यहां गर्म तेल से नहाने से उनकी हड्डियों के जुड़ाव में काफी आराम महसूस हुआ। हालांकि तेल से भरे बाथटब में नहाने की एक समयसीमा है। उससे ज्यादा देर तक लोगों को बाथटब में बैठने नहीं दिया जाता क्योंकि उसमें मौजूद अलग-अलग केमिकल की वजह से अधिक देर नहाने से शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है। यहां तक कि इसका नतीजा मौत भी हो सकती है।

हेल्थ सेंटर के डॉक्टरों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में यहां हजारों लोग अपना इलाज करवा चुके हैं और उन्हें अपने रोग में काफी आराम भी मिला है। डॉक्टरों का कहना है कि एक मरीज को एक दिन में सिर्फ एक बार ही नहाने की इजाजत दी जाती है और वह भी महज 10 मिनट के लिए। यहां पर इलाज का कोर्स 10 दिन का होता है।

अगर आपको भी काट चुका है ततैया, तो कभी नहीं होगी ये बीमारी

नमस्कार दोस्तों स्वागत आपका अपने चैनल न्यूज़ पीके पर आज हम आपके लिए लेकर आई है एक बहुत ही जरूरी जानकारी जिस जाने के बाद आपको साइंस पर विश्वास करने का नजरिया बदल जाएगा आपको बताने वाली है एक ऐसी मक्खी के बारे में जो ज्यादातर लोगों के लिए खतरनाक ही मानी जाती है लेकिन इस मक्खी के अंदर कुछ तो ऐसी खासियत होती है जो मनुष्य के लिए बहुत ही जरूरी है तो चलिए जानते हैं क्या है वह बात

एमआईटी के इंजीनियरों ने नया एंटीमाइक्रोबियल पेप्टाइड्स विकसित की है। इससे श्वसन और अन्य संक्रमण को फैलाने वाले जीवाणुओं पर काबू पाया जा सकता है।

इसे एक दक्षिण अमेरिकी ततैया द्वारा स्वाभाविक रूप से उत्पन्न होने वाले पेप्टाइड से तैयार किया गया है। ततैया या मधुमक्खियों जैसे कीटों का जहर उन अवयवों से भरपूर होता है, जो जीवाणुओं को मारते हैं।

लोगों के लिए खतरनाक

दुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि इसमें से कुछ अवयव लोगों के लिए जहरीले भी होते हैं, जिस वजह से इसका एंटीबायोटिक दवाइयों के रूप में इस्तेमाल करना असंभव हो जाता है।

एमआईटी में एक अध्ययनकर्ता सीजर डी ला फ्यूंटे-नूनेज ने कहा, “इन पेप्टाइड की संरचना और कार्यप्रणाली का प्रणालीगत तरीके से अध्ययन करने के बाद, हम उनकी गतिविधि और गुणों का खुद के अनुकूल बनाने में सक्षम हैं।”

प्रयोगशाला अध्ययन की रिपोर्ट

समूह ने पेप्टाइड को जीवाणुओं के सात स्टैन (उपभेदों), कवकों में प्रयोग किया। पेप्टाइड के जहर की जांच के लिए अध्ययनकर्ताओं ने इसे प्रयोगशाला में निर्मित मानव किडनी कोशिकाओं में डाला और पाया कि कई पेप्टाइड संक्रमण को कम कर सकते हैं और इसे पूरी तरह समाप्त कर सकते हैं।

वहीं फ्यूंटे-नूनेज ने कहा, “चार दिन बाद हमने देखा कि मिश्रण ने पूरी तरह से संक्रमण को समाप्त कर दिया है।” अगर यह प्रयोग पूरी तरह से सफल रहता है तो स्वास्थ्य के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित होगा।

यह दुल्हन बाजार है अनोखा- पैसे देकर खरीद सकते हो मनपसंद दुल्हन

आज की खास पोस्ट में हम आपको दुनिया के एक ऐसे देश के बारे में बताने जा रहे हैं जहां पर लगने वाले बाजार में बिकती हैं दुल्हन | हम आशा करते हैं हमारे द्वारा दी गई जानकारी आपको पसंद आएगी और आप इसे अपने सभी चाहने वालों के साथ जरूर शेयर करेंगे| तो आइए इसी के साथ जानते हैं कौन सी है वह जगह जहां पर दुल्हनों का बाजार लगता है और यहां लड़के शादी करने के लिए दुल्हन पसंद करने आते हैं|

शायद आपको यह बात बहुत ही विचित्र लगे लेकिन यह सच है कि बुल्गारिया देश मैं स्टार जागोर नाम की एक जगह है जहां पर हर 3 साल बाद दुल्हन का बाजार लगता है|

यह एक प्रकार का मेला होता है जिसमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवार वाले अपनी लड़कियों की शादी करने के लिए आते हैं और लड़के अपनी मनपसंद लड़की से शादी करके उनके परिवार वालों को पैसे देते हैं| इन सब के बाद लड़के पूरे मान-सम्मान के साथ उस लड़की को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकारते हैं|

इस बाजार में लड़कियां दुल्हन के लिबास में सज धज कर तैयार होके आते हैं और यहां पर लड़कों को हर उम्र की खूबसूरत लड़कियां शादी के लिए मिल जाती हैं|

इस मेले में लड़के के साथ उसके परिवार का एक ना एक सदस्य जरूर होता है और जब मैं दुल्हन पसंद कर लेता है तो लड़की और लड़के के बीच बातचीत होने के बाद उन दोनों की शादी कर दी जाती है| इन सब के दौरान लड़के के परिवार वाले लड़की के परिवार वालों को एक मोटी रकम देते हैं और इस प्रकार उनकी लड़की को अपनी बहू बनाकर अपने घर ले जाते हैं|

इस प्रथा का पालन बुल्गारिया के कलाइदजी समुदाय द्वारा किया जाता है जिसमें वहां की पुलिस कोई रोक-टोक नहीं करती है| आपको बता दें कि इस बाजार में कोई अन्य समुदाय का व्यक्ति शामिल नहीं हो सकता है क्योंकि यह है मेला केवल इसी समुदाय के उन लोगों के लिए होता है जो आर्थिक रूप से पूरी तरह कमजोर होते हैं|

लड़कियां भी इस मेले में अकेली नहीं आ सकती है और जब लड़का उन्हें पसंद कर लेता है तो परिवार की स्वीकृति के बाद वह उसे अपने साथ अपनी पत्नी बना कर घर ले जा सकता है और इस प्रकार बुल्गारिया में हर 3 साल बाद लगने वाले मेले में लोगों को अपने मनपसंद की दुल्हन मिल जाती हैं|

क्या शादी करने का यह अनोखा अंदाज आपको पसंद आया है? नीचे कमेंट बॉक्स में हमें अपने विचार जरूर बताएं| इसके साथ ही इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा लाइक तथा शेयर करें धन्यवाद|